सीख लो तुम भी अपना हो जाना।

सीख लो तुम भी अपना हो जाना।

सीख लो खुद से ही प्यार करना।

इन ठंडी हवाओं को महसूस करना।

इन मीठी-मीठी खुशबू को आँखो में भरना। 

सीख लो तुम खुद ही से प्यार करना।

ये लम्बी सड़कें,,, ये पेड़ों की हवाए।

भर दे दिल में चाह जीने की,,, ये लम्बे रास्ते। 

चलते-चलते यू खद में खो जाना।

सीख लो तुम भी अपना हो जाना।

छोटे-छोटे बच्चों से बच्चों की तरह बातें करना।

उनकी मीठी-मीठी आवाज को सुनना।

उनके मासूम सवालों का जवाब मासूमियत से देना।

थोडा टाईम इन छोटे का बच्चों के साथ भी रहना। 

बस इसी तरह तुम अपनी खुशियाँ पाना।

सीख लो तुम भी अपना हो जाना।

इस शाम की ठंडी चाँदनी में तुम पार्क जाना।

सब कुछ भूल कर घास पर लेट जाना।

देखना ये चमकता आसमान, करेगा तुमसे बातें।

भरेगा मन की गहराईयों को।

देखना ये बादलों का चमकना,,,,

देखना ये कितने अजूबे दिखाएगे।

तुम्हारे लिए एक नई कहानी बनाएगे,

इस भीड़ की दुनिया में तेरा साथ निभाएगे।

बस इस तरह तुम अपनी खुशियाँ  पाना।

सीख लो तुम भी अपना हो जाना।।।।।

 

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