बच्चों का विकास

बच्चों के विकास में तीव्र गति से सहयोग करने वाले 9 तरीके :- 

1) अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से मत करिए क्योंकि हर बच्चे की क्षमता वर्गों ने एक-दूसरे से भिन्न होते हैं जैसे हाथी पेड़ पर नहीं चल सकता और पक्षी पानी में तैर नहीं सकता ।

2) बच्चों से दोस्तों की तरह व्यवहार कीजिए और उनके आसपास की समस्याओं का समाधान होने ही करने के लिए प्रोत्साहित करें हर समय आप उनके क्षेत्र में दखल ना देखे और पीछे से सहयोग करें ।जैसे :-  स्कूल में दोस्तों व शिक्षकों से कोई समस्या हो या सोसाइटी में दोस्तों से हो ।

3) सबसे अहम बात कोशिश करें कि बच्चों को विद्यालय परिवर्तन बार-बार ना करना पड़े ,क्योंकि बहुत से बच्चे अपने आपको नए परिवेश में समायोजित नहीं कर पाते हैं जैसे एक पौधे को बार-बार एक जगह से दूसरे जगह लगाने से उनका विकास रूक जाता है या धीमा हो जाता है।

4) अपने आस पास पड़ोस में आप अच्छे संबंध बनाकर रखें क्योंकि बच्चा आपको बाहर या घर  में लडते- झगड़ते देखकर भी अपने को अपने सहपाठियों और दोस्तों के बीच अपमानित महसूस करेगा और बच्चों के बाल मन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा ।

5) विद्यालय जाने की तैयारी जैसे :-  यूनिफॉर्म, टाइम टेबल, होम वर्क बुक , वॉटर बॉटल ,टिफिन )उन्हें स्वयं करने के लिए प्रोत्साहित करें ,और आप केवल मार्गदर्शन करें ।

6) बच्चों की कोई गलती पर उन्हें सबके सामने ना डांट कर अकेले में समझाएं सबके सामने डांटने व मारने से बच्चों में हीन भावना घर कर लेती है ।

7 ) बच्चों का मन मिट्टी के घड़े के समान होता है ,जिस प्रकार मिट्टी के घने को  थपथपा कर आप मनचाहा आकार दे सकते हैं ,उसी प्रकार बच्चों को भी मनचाहा आकार दे सकते हैं ।

8) तुमसे हो ही नहीं सकता ,तुम बेवकूफ हो , कह कर या अपने कठोर रवैए व  व्यवहार से बच्चों का मनोबल गिराने की बजाय ,बच्चा खराब भी करे तो उसे प्रोत्साहित करें । अरे वाह ! आगे और अच्छा करना ।जैसे शब्द सुनने से बच्चों में लगातार सुधार होगा । बच्चों को कुछ ना समझ में आए तो मार कर या छिड़ककर समझाने की बजाय उन्हें उनकी गलतियों का बार-बार सुधार करके अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखने के लिए कहें और स्वयं बच्चे को ही जांचने के लिए कहें ।

 

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments

You must be logged in to post a comment.

About Author