नववर्ष

वो नसीब से परे

एक बार फिर देखें चलो

शायद इस तरह ही

तेरे हाथो में मेरा हाथ हो

इस नये साल में, कुछ तो नयी सी बात हो

तुम मिल जाओ पहले जैसे

इससे बेहतर बताओ और क्या आगाज़ हो

 

शिकायतों को हराने की

एक ख़ूबसूरत चाल हो

आज फिर मेरी बातों पर 

तेरी हँसी का साज हो

इस नये साल मे, कुछ तो नयी सी बात हो

तुम मिल जाओ पहले जैसे

इससे बेहतर बताओ और क्या आगाज़ हो

 

मुसीबतों से दोस्ती कर ली मैंने

सफ़र का क्या, ना जानें कब आसान हो

कुछ भी तो नही है मुझ में ऐसा

मैं दूर जाऊं भी, तो तुम कह दो रूको

इस नये साल में, कुछ तो नयी सी बात हो

तुम मिल जाओ पहले जैसे

इससे बेहतर बताओ और क्या आगाज़ हो

#Anupama 

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