देव दीपावली

              कार्तिक पूर्णिमा के  दिन देव दीपावली मनाई जाती है । इस दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। गुरु नानक जी ने भी इसी दिन जन्म लिया था ।भगवान शिव शंकर ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध भी इसी दिन किया था, इसलिए आज के दिन देवता लोग  भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य में बनारस जिले में गंगा - यमुना घाट पर देवता लो आज के दिन दीपावली मनाते हैं।

 

 

             भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर का वध करने के बाद  उसके तीनों पुत्र अत्यंत क्रोधित हुए और वह जंगल में जाकर ब्रह्मा जी की तपस्या करने लगे ब्रह्मा जी प्रसन्न हुए और उनको आशीर्वाद देने के लिए आए  उन्होंने अमरता का वरदान मांगा परंतु ब्रह्मा जी ने अमरता का वरदान देने में असमर्थता व्यक्त की और कहा कि इसके बदले तुम कुछ और मांग लो तो तीनों भाइयों ने उनसे ऐसे तीन नगर मांगे जो कि असंभव बाण और असंभव मुहूर्त में अत्यंत क्रोधित जन शांत मुद्रा में तीनों परियों पर एक साथ में बाण चलाए  तभी हम तीनों की मृत्यु हो हमें ऐसा वरदान चाहिए । ब्रह्मा जी तथास्तु कहकर अंतर्ध्यान हो गए।

 

              इसके बाद उन तीनों राक्षसों ने इतना आतंक मचा दिया कि पृथ्वी वासी देववाशी अभी उनसे आतंकित होकर छुपकर रहने लगे ।सभी देवता गण शंकर जी की स्तुति करने लगे शंकर जी ने कहा कि मैं अपनी आधी शक्ति देता हूं आप लोग जाकर उनसे युद्ध करके उन्हें पराजित करिए  परंतु कोई भी शंकर जी की आदिशक्ति को संभाल नहीं पाया। इसलिए स्वयं शिव शंकर ने निश्चय किया कि वह त्रिपुरासुर का वध करेंगे और उन्होंने पृथ्वी को अपना रथ बनाया ,सूर्य- चंद्रमा पहिए बन गए और सृष्टा सारथी बन गए विष्णु बाण बने और  पर्वत धनुष और वासुकी धनुष की डोरऔर सभी देवताओं ने अपना आधा बल  अपने अस्त्र-शस्त्र शंकर जी को दिए फिर भी भगवान का रथ डगमगाने लगा तो विष्णु भगवान झट वृषभ बनकर भगवान के रथ को संभालने लगे और अभिजीत मुहूर्त में तीनों पुरियों को एक साथ मिलाकर शिव शंकर ने असंभव बाण चलाकर तीनों राक्षसों का वध कर दिया  जब राक्षस जलकर भस्म हो गए तो शिव शंकर की आंख से आंसू निकल गए और उसी आंसू को रुद्राक्ष कहते हैं।

 

             इस दिन गंगा घाट पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है ,गंगा जी में दीपदान भी किया जाता है। आज के दिन तुलसी विवाह करने पर मनोकामना की पूर्ति होती है। आज के दिन व्रत कर कर विधि-विधान से विष्णु भगवान का पूजन भी किया जाता है।धार्मिक विश्वास है कि ऐसा करने से मनुष्य धन- धान्य , पौत्र प्राप्त होते है।

              🙏हरहर महादेव 🙏

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