कुछ अनकही

इम्तहान अभी  मेरा बाकी है। 

चल रहे है।

गिर रहे है।

संभल रहे है।

इतना समझ होना मेरा काफी है। 

कशमकश में घिरे हुए 

अभी पार करना बाकी है।

अंधेरी रात चल रही है।

सवेरा होना अभी बाकी है। 

जिदंगी जीने के लिए।

अभी मेरा इंतजार करना बाकी है।

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