अच्छाई ज़िंदा हैं अब भी

      अच्छाई जिंदा है अब भी ।

 

मैं सुमन, एक बार जब मुझे लगा हाँ,अब भी है कुछ लोग जिन्होंने अच्छाई को बचा के रखा है। एक दिन जब मेरे साथ बहुत बुरी बनने ही वाली थी। उस दिन मेरी नाईट ड्यूटी थी। मैं उसी सेडयूल के साथ 15 मिनट पहले निकली। पर लाकडाऊन की वजह से कुछ आ जा नहीं रहा था। दूर दूर तक कोई ऑटो नहीं। मैं कोट ले के खड़ी ही थीं। कि एक गाड़ी आई। और थोड़ी आगे जा के रूकी। मेरे दिल में अजीब से ख्याल आए और देखते ही गाड़ी..मैं उल्टे पैर पीछे मुड़ गई । और थोड़ी आगे तक निकल ली। गाड़ी वाले ने आवाज दी । पर मैंने नहीं सुनी। मैं बस बचने की फिराक में आगे चलती जा रही। गाड़ी वाले ने गाडी मोड़ी और मेरे साइड में ला के रोक दी। और बोला आपको कहाँ जाना है। मैं छोड़ देता हूँ। मैं घबराई हुई। मेरे दिल में कुछ-कुछ चल रहा। उसने 8-10 बार पूछा और पूरा कनवैन्स करने में लगा हुआ। बैठ जाओ में छोड़ दूंगा । मेरी वाईफ भी इसी हॉस्पिटल मे स्टाफ है। मैने वहीं अनश्वर दिया।नहीं बस ठीक है। मैं चली जाऊंगी। वो फिर,,,,अरे मैं आपको डाक्यूमेन्टस दिखा देता हूँ। मेरी वाईफ भी इसी हॉस्पिटल में काम करती हैं। मैं आपको छोड़ देता हूँ। फिर मैने बड़ी मुश्किल से सारे सवालों को साईड में रखकर। खुद के दिल को पक्का करके बैठ गई मैं इतना डर गई थी कि मुझे पसीना आ रहा था। ये देखकर उसने ए सी ऑन कर दिया । और सेकेंड में सारा पसीना गायब। मेरे मन में तो वही सब चल रहा था। रिस्क तो ले लिया अब पता नहीं क्या हो। तभी गाड़ी वाला बोलने लगा। मैं अभी वाईफ को छोड़ के आया हूँ  मेडिकल। फिर अब सब्जी ले के घर ही जा रहा था मैं कैथल से हूँ। वहाँ सात बजे के बाद कोई बाहर नहीं दिखता। यहां पर तो फिर भी सब देर रात तक घूमते रहते हैं। मेरी भी वाईफ है उनकी भी नाईट ड्यूटी होती है। मैं समझता हूँ  मैं आपको सेफ छोड़ दूंगा। मेरा थोड़ा सा डर कम हुआ। बस मेरी मंजित भी आ ही गई थी। मैंने फटाफट दरवाजा खोला और उतर गई। मैंने थैंक्स बोला। उसने बोला मैं बस यही चाहता हूँ सब सेफली अपने स्टाॅप पर पहुंच जाए। मैंने थैंक यू बोलकर बाए बोली। और चैन की सांस लेकर सोचने लगी। थैंक गॉड , अच्छा हुआ इसने छोड़ दिया। वरना वहाँ मेरा अकेले क्या होता। आज के टाइम में ऐसे ईसान भी हैं मुझे तो यकीन ही नहीं था।मुझे अच्छा लगा ये सब देखकर कि उसने मेरी वाक्य में हेल्प की। वरना मुझे यही लगता था कभी भरोसा नहीं करना चाहिए ऐसे किसी पे | थैंक गॉड ऐसे लोगों को हमेशा खुश रखना। 

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments

You must be logged in to post a comment.

About Author